MADAD-SETU Portal for Victim Compensation Applications Online
MADAD-SETU पोर्टल विक्टिम कम्पेंसेशन एप्लीकेशन्स के लिए (राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विकसित, जुवेनाइल जस्टिस कमिटी एवं POCSO कमिटी, राजस्थान हाई कोर्ट के तत्वावधान में)
1. परिचय
1.1 राजस्थान
विक्टिम कम्पेंसेशन स्कीम अपराध के परिणामस्वरूप हानि या चोट झेलने वाले पीड़ितों
एवं उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। बाल यौन शोषण के मामलों में POCSO
कोर्ट्स को POCSO
एक्ट, 2012 के प्रावधानों के तहत मुआवजा प्रदान
करने का अधिकार है।
1.2 फिर
भी, POCSO कोर्ट्स
द्वारा प्रदान किए गए मुआवजे की राशि की निगरानी या कम्पेंसेशन एप्लीकेशन्स की
स्थिति ट्रैक करने के लिए पहले कोई संरचित तंत्र मौजूद नहीं था।
1.3 पीड़ितों
की सहायता हेतु डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड विक्टिम कम्पेंसेशन
असिस्टेंस कमिटी (DCVCAC) का
गठन किया गया था। अपनी सच्ची कोशिशों के बावजूद यह कमिटी जटिल प्रक्रियात्मक
आवश्यकताओं तथा डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DLSA) को एप्लीकेशन्स भेजने में देरी के कारण
चुनौतियों का सामना कर रही थी, जिससे
पीड़ितों को समय पर राहत नहीं मिल पा रही थी।
1.4 इन
कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए, माननीय
जुवेनाइल जस्टिस कमिटी एवं POCSO कमिटी
ने राजस्थान
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) से बाल पीड़ितों से संबंधित विक्टिम
कम्पेंसेशन एप्लीकेशन्स को हैंडल करने के लिए एक ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म विकसित करने का
अनुरोध किया।
1.5 माननीय
कार्यकारी अध्यक्ष, RSLSA के
मार्गदर्शन में सदस्य सचिव, RSLSA ने
एक डिजिटल प्लेटफॉर्म MADAD-SETU विकसित किया, जिसका विधिवत शुभारंभ 14 सितम्बर 2025 को राज्य-स्तरीय परामर्श कार्यक्रम के
दौरान किया गया।
1.6 MADAD-SETU पोर्टल को राजस्थान सरकार के SSO प्लेटफॉर्म पर होस्ट किया गया है ताकि सभी प्रमुख हितधारकों के लिए आसानी से पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
2. प्रमुख हितधारक
2.1 MADAD-SETU पोर्टल के संचालन में निम्नांकित विभाग एवं प्राधिकरण प्रमुख
हितधारक के रूप में चिह्नित किए गए हैंः
|
S. No. |
विभाग / प्राधिकरण Department / Authority |
भूमिका / जिम्मेदारी Role / Responsibility |
|
1. |
पुलिस विभाग Police
Department (SHO/IO) |
फ्रंट-एंड हितधारक जो FIR तथा
पीड़ित विवरण अपलोड करने के लिए जिम्मेदार है (अतिरिक्त SP/अतिरिक्त DCP नोडल अधिकारी के रूप में कार्य
करेंगे)
Front-end stakeholder responsible for uploading FIR and victim details.
(Additional SP/Additional DCP to act as Nodal Officer) |
|
2. |
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण District Legal Services Authority (DLSA) |
न्यायिक विभाग के लिए नोडल प्राधिकरण तथा मुआवजा वितरण के लिए Nodal Authority for the
Judicial Department and for disbursement of compensation. |
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3. |
POCSO कोर्ट्स POCSO Courts |
POCSO मामलों
में अंतरिम तथा अंतिम मुआवजा प्रदान करने की सक्षम प्राधिकारी Competent authority to award
interim and final compensation in POCSO Cases. |
|
4. |
चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (CWC) Child Welfare Committees (CWC) |
सीमित भूमिका – POCSO नियमों के
नियम 8 के तहत
विशेष राहत की सिफारिश
Limited role – recommendation of Special Relief under Rule 8 of POCSO Rules. |
|
5. |
नोडल अधिकारी, POCSO
कमिटी Nodal Officer, POCSO Committee |
निरीक्षक भूमिका
Observatory role. |
|
6. |
नोडल अधिकारी, जुवेनाइल
जस्टिस कमिटी Nodal
Officer, Juvenile Justice Committee |
निरीक्षक भूमिका
Observatory role. |
2.2 पुलिस, DLSA, POCSO कोर्ट्स तथा CWC फ्रंट-एंड हितधारक के रूप में
कार्य करेंगे, जो डेटा एंट्री, प्रोसेसिंग तथा मुआवजा वर्कफ्लो का
सीधा प्रबंधन करेंगे। 2.2 The
Police, DLSA, POCSO Courts, and CWCs will act as front-end stakeholders,
directly managing data entry, processing, and compensation workflows.
2.3 RSLSA, जुवेनाइल जस्टिस कमिटी तथा POCSO कमिटी के नोडल अधिकारियों के साथ
मिलकर डेटा पर्यवेक्षण तथा समग्र निगरानी के लिए बैक-एंड हितधारक के रूप में कार्य
करेगा। 2.3 The
RSLSA, along with the Nodal Officers of the Juvenile Justice Committee and the
POCSO Committee, will serve as back-end stakeholders for data supervision and
overall monitoring.
3. हितधारकों की भूमिका एवं जिम्मेदारियाँ 3. Role and Responsibilities of Stakeholders
3.1 पुलिस विभाग 3.1 Police Department
A. महिलाओं या बाल पीड़ितों से संबंधित FIR दर्ज होने पर SHO/अन्वेषण अधिकारी MADAD-SETU पोर्टल पर FIR विवरण तथा पीड़ित विशेष विवरण (नाम, आयु, पता, आय घोषणा
प्रमाण-पत्र, बैंक विवरण, महिला उत्तरजीवी के मामले में
शपथ-पत्र आदि) अपलोड करेगा तथा उन्हें संबंधित DLSA तथा CWC को अग्रेषित करेगा। (लगभग समय आवश्यकः 10 मिनट.) (Approximate time required: 10 minutes.)
B. डेटा FIR दर्ज होने के 15 दिनों के अंदर अपलोड किया जाना अनिवार्य है। B. The data must be uploaded
within 15 days of FIR registration.
नोटः पीड़ित-संबंधी डेटा CCTNS पोर्टल से सीधे प्राप्त किया जा सकता है ताकि मैनुअल
एंट्री को न्यूनतम किया जा सके। Note: Victim-related data may also be fetched directly
from the CCTNS Portal to minimize manual entry.
3.2 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA)
3.2 District Legal Services Authority (DLSA)
A. संबंधित
पुलिस स्टेशन से प्राप्त जानकारी का सचिव, DLSA सत्यापन करेगा। A. The
Secretary, DLSA shall verify the information received from the concerned Police
Station.
B. POCSO मामलों
को छोड़कर अन्य मामलों में, यदि
मुआवजे के योग्य पाया जाता है, तो
सचिव जिला विक्टिम कम्पेंसेशन कमिटी के माध्यम से कार्यवाही प्रारंभ करेगा।
B. In other than POCSO cases, if found fit for compensation, the Secretary
shall initiate proceedings through the District Victim Compensation Committee.
C. POCSO-संबंधित
मामलों में, सचिव
मामले को संबंधित POCSO कोर्ट
को अग्रेषित करेगा। C. In POCSO-related cases, the Secretary shall
forward the matter to the concerned POCSO Court.
D. POCSO कोर्ट
से अंतरिम या अंतिम मुआवजा आदेश प्राप्त होने पर, सचिव 15 दिनों के अंदर वितरण सुनिश्चित करेगा।
D. Upon receipt of an interim or final compensation order from the POCSO Court,
the Secretary shall ensure disbursement within 15 days.
E. सचिव
मासिक प्रगति रिपोर्ट सदस्य सचिव, RSLSA को अग्रेषित करेगा। E. The Secretary shall forward a
monthly progress report to the Member Secretary, RSLSA.
F. सचिव POCSO कोर्ट्स द्वारा की गई FIR डेटा एंट्री की निगरानी करेगा तथा उसे पुलिस स्टेशनों से प्राप्त आवेदनों के साथ क्रॉस-चेक करेगा। किसी भी विसंगति की स्थिति में उसे संबंधित SHO/CO/SP को उचित रूप से रिपोर्ट किया जाएगा। F. The Secretary shall monitor FIR data entries by POCSO Courts and cross-check them with applications received from Police Stations. Any discrepancy shall be reported to the concerned SHO/CO/SP as deemed appropriate.
3.3 POCSO कोर्ट्स 3.3
POCSO Courts
A. POCSO कोर्ट
पुलिस द्वारा अग्रेषित FIR विवरण
दर्ज करेगा (डेटा सचिव, DLSA को
दृश्यमान रहेगा)। A. The POCSO Court shall enter the FIR details
forwarded by the Police (data may be visible to Secretary, DLSA).
B. कोर्ट
अंतरिम मुआवजे का निर्धारण एवं आदेश करेगा तथा उसे सचिव, DLSA को वितरण हेतु अग्रेषित करेगा।
B. The Court shall determine and order interim compensation, forwarding it to
the Secretary, DLSA for disbursement.
C. वितरण
उपरांत मामला अंतिम मुआवजे के निर्धारण हेतु उचित चरण में कोर्ट को पुनः अग्रेषित
किया जाएगा। C. Following disbursement, the case shall be re-forwarded to
the Court for fixation of final compensation at the appropriate stage.
3.4 चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (CWC)
3.4 Child Welfare Committee (CWC)
A. POCSO-संबंधित
मामलों में, CWC पोर्टल
के माध्यम से पीड़ित का विवरण प्राप्त करेगा तथा POCSO नियमों के नियम 8 के तहत विशेष राहत की सिफारिश कर सकता
है। A. In POCSO-related matters, the CWC shall receive the victim’s
details through the portal and may recommend Special Relief under Rule 8 of the
POCSO Rules.
B. यदि
उचित समझा जाए, तो
CWC अपनी सिफारिश सचिव,
DLSA को अग्रेषित करेगा।
B. If deemed appropriate, the CWC shall forward its recommendation to the
Secretary, DLSA.
C. जिन
मामलों में CWC द्वारा
विशेष राहत की सिफारिश नहीं की गई है, उन्हें नियमानुसार जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) द्वारा बढ़ाया जा सकता है। C. In
cases where Special Relief is not recommended by CWC, it may be extended by the
District Child Protection Unit (DCPU) as per norms.
4. ट्रैकिंग सिस्टम एवं निगरानी 4. Tracking System and Monitoring
MADAD-SETU पोर्टल
में एक व्यापक रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम शामिल किया गया है, जो मुआवजा मामलों की हर चरण पर निरंतर
निगरानी सक्षम बनाता है। प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैंः
• डैशबोर्डः समग्र
प्रगति, केस
की संख्या तथा मुआवजा स्थिति प्रदर्शित करता है। Dashboard: Displays
overall progress, case count, and compensation status.
• रजिस्टर
न्यू एप्लीकेशनः नए मुआवजा अनुरोधों की शुरुआत की सुविधा
देता है। Register New Application: Allows initiation of new compensation
requests.
• करंट
स्टेटसः प्रत्येक आवेदन के नवीनतम चरण तथा लंबित स्तर को दर्शाता है।
Current Status: Shows the latest stage of each application and pending level.
• पेंडिंग
विदः वर्तमान में मामले को हैंडल कर रहे पदनाम/कार्यालय को इंगित
करता है। Pending With: Indicates the designation/office currently
handling the case.
• पेंडिंग
ड्यूरेशनः मामले के लंबित रहने की दिनों की संख्या प्रदर्शित करता है।
Pending Duration: Displays the number of days the case has remained pending.
• प्रोग्रेस
ट्रैकरः सभी हितधारक स्तरों पर प्रत्येक आवेदन की चरणबद्ध गति प्रदान करता
है। Progress Tracker: Provides a step-wise movement of each application
through all stakeholder levels.
5. हितधारकों के लिए आवश्यकताएं 5. Requirement for Stake-holders
MADAD-SETU पोर्टल
SSO डिजिटल प्लेटफॉर्म पर
होस्ट किया गया है। तदनुसार, प्रत्येक
हितधारक विभाग/कार्यालय पोर्टल तक पहुंच के लिए एक SSO ID मैप करेगा। मैप किया गया SSO ID कार्यालय के उस स्थायी कर्मचारी का होना
चाहिए जिसे लिखित कार्यालय आदेश के माध्यम से औपचारिक रूप से अधिकृत किया गया हो।
प्राधिकार
आदेश की एक प्रति तथा नामित अधिकारी में या सौंपी गई ड्यूटी में किसी भी बाद के
परिवर्तन को तत्काल सचिव, DLSA को
अग्रेषित किया जाएगा, जो
RSLSA के
नोडल अधिकारी के माध्यम से SSO ID की
मैपिंग या अपडेट करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।




